शनिवार, 9 मई 2009

संसद या सड़क

एक आदमी रोटी खाता है

एक आदमी रोटी बेलता है

एक तीसरा आदमी भी है

जो न रोटी बेलता है

न रोटी खाता है

वह सिर्फ रोटियों से खेलता है


मैं पूछता हूँ

यह तीसरा आदमी कौन है

मेरे देश की संसद मौन है।


- धूमिल


तीसरे आदमी के बारे में संसद भले मौन है लेकिन सत्ता की मदहोशी और विपक्ष की फालतू तिलमिलाहट के लिये संसद केवल मुखर ही नहीं जूता मारो संस्कृति को बेहिचक अपना लेती है। संसद है या सड़क?



खैर, सत्ता पक्ष का ये हाल केवल हमारे यहाँ ही नहीं अन्य देशों में भी है। अब यह आप पर है कि फोटो देख कर आप खुश भी हो सकते हैं और दुखी भी। खुश इसलिये कि एक हम ही नहीं, और भी हैं हमारे जैसे। और दुखी इसलिये कि सत्ता हो विपक्ष, दोनो का चरित्र हमेशा एक जैसा रहा है- सत्ता के लिये लालायित, निहायत स्वार्थी, फालतू मुद्दों की आड़ में, जनता जाऐ भाड़ में।










इसे हँसी में न टालिये, आपकी गम्भीर टिप्पणियों की बेसब्री से प्रतीक्षा रहेगी

फोटो: मित्र संजय लिखार द्वारा भेजे एक इमेल से साभार

8 टिप्‍पणियां:

अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा…

सन्सद सूअरबाडा है

Bahadur Patel ने कहा…

pradeep bhai bahut sahi kaha aapane. ab janata ke dwara inko joote marane ka samay aa gaya hai.

sandhyagupta ने कहा…

Sach hai.

kamal ने कहा…

heh tasvirein tau yahee suggest kar rahee hain kee.....
gora ho yaa kaala,
neta-neta hota hai saala
badee-2 batein,bade-2 wade
par ghar apana hee,
bharane ke erade
fir chahe churi chale
yaa fir chale talwar
enako tau hai
bus apani kursi se sarokaar
gora ho yaa.....

sanjaygrover ने कहा…

Sochta huN yahaN kuchh Saahityik GoshthiyoN ke chitra bhi lagaaye ja sakte haiN kya !

RKSAHU ने कहा…

DERA PRADEEP,
YEH BAHUT ACHCHA HAI LOGON KO NETAO KE BARE ME AWARENESS BADEGI. WAISE MUJHE TO BAS ITNA HI SAMAJH ME AYA KI
"JO HO CHUKA BARBAD WOH ABAD KYA KARE?
PANCHI HUWE AZAD TO SAYYAD KYA KARE?
JIS GAON ME PAIDA HUWA KARTE HAIN HATYARE, US GAON KE SARPANCH SE FARIYAD KYA KARE?
RAJESH KUMAR SAHU
ANUMALA,KAPS

jagmohan ने कहा…

तत्सम के सभी साथियों को नव वर्ष की बहुत-बहुत बधाई...'जगमोहन आज़ाद'

jagmohan ने कहा…

तत्सम के सभी साथियों को नव वर्ष की बहुत-बहुत बधाई...'जगमोहन आज़ाद'